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प्रस्तावना: स्वास्थ्य और संपत्ति की दोहरी सुरक्षा Medical insurance tax savings
आज के समय में मेडिकल इमरजेंसी कभी भी दस्तक दे सकती है। इलाज के बढ़ते खर्चों के बीच हेल्थ इंश्योरेंस (Medical Insurance) लेना अब केवल एक सुरक्षा नहीं, बल्कि एक अनिवार्य वित्तीय योजना बन गई है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि Medical insurance tax savings के जरिए आप न केवल अपने परिवार की सेहत सुरक्षित करते हैं, बल्कि सरकार को दिए जाने वाले टैक्स में भी भारी बचत कर सकते हैं? 2026 के नए टैक्स स्लैब और नियमों के अनुसार, सेक्शन 80D के तहत मिलने वाली छूट आपकी कुल टैक्स देनदारी को काफी कम कर सकती है।
> सेंगेल हेंब्रम की निजी राय (My Voice):
लोग अक्सर टैक्स बचाने के लिए सिर्फ LIC या PF पर निर्भर रहते हैं। लेकिन मेरी नज़र में, मेडिकल इंश्योरेंस सबसे ‘High-Value’ निवेश है। यह आपको अस्पताल के भारी बिलों से भी बचाता है और आपकी जेब में टैक्स का पैसा भी वापस लाता है। ‘लो-वैल्यू’ निवेशक इसे सिर्फ एक खर्चा मानते हैं, लेकिन एक समझदार इंसान जानता है कि यह उसकी कमाई को सुरक्षित रखने वाली ‘शील्ड’ (Shield) है।
सेक्शन 80D के तहत टैक्स लाभ को समझना
इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80D हमें मेडिकल इंश्योरेंस प्रीमियम पर टैक्स छूट देती है। यह धारा 80C (जिसमें ₹1.5 लाख की सीमा है) से बिल्कुल अलग और अतिरिक्त है।
स्वयं और परिवार के लिए (For Self and Family)
यदि आप अपने, अपने जीवनसाथी और बच्चों के लिए प्रीमियम भरते हैं, तो आप साल में ₹25,000 तक की कटौती (Deduction) का दावा कर सकते हैं। 2026 में यह सीमा आपके परिवार की सुरक्षा के लिए एक बड़ा वित्तीय सहारा है।
माता-पिता के लिए अतिरिक्त छूट (For Parents)
यदि आप अपने माता-पिता के लिए भी प्रीमियम भरते हैं, तो आप अतिरिक्त ₹25,000 की छूट पा सकते हैं। और यदि आपके माता-पिता सीनियर सिटीजन (60 वर्ष से ऊपर) हैं, तो यह सीमा बढ़कर ₹50,000 हो जाती है। यानी कुल मिलाकर आप ₹75,000 से ₹1,00,000 तक की टैक्स छूट का लाभ उठा सकते हैं।
Medical insurance tax savings – अन्य महत्वपूर्ण लाभ
प्रिवेंटिव हेल्थ चेकअप (Preventive Health Check-up)
सेक्शन 80D के तहत, आप हर साल अपने और अपने परिवार के हेल्थ चेकअप पर खर्च किए गए ₹5,000 तक की अलग से छूट पा सकते हैं। यह ₹25,000 की सीमा के भीतर ही आता है, लेकिन इसके लिए आपको बीमा कंपनी का प्रीमियम भरना ज़रूरी नहीं है, आप नकद (Cash) खर्च पर भी दावा कर सकते हैं।
सीनियर सिटीजन के लिए चिकित्सा व्यय
यदि आपके माता-पिता बहुत वृद्ध हैं और उनके पास कोई हेल्थ इंश्योरेंस नहीं है, तो 2026 के नियमों के अनुसार आप उनके ‘मेडिकल खर्चों’ (दवाइयां, डॉक्टर की फीस) पर भी ₹50,000 तक की छूट का दावा कर सकते हैं।
टैक्स छूट पाने के लिए ज़रूरी शर्तें
Medical insurance tax savings का पूरा लाभ लेने के लिए सेंगेल हेंब्रम के इन नियमों का पालन करें:
* प्रीमियम का भुगतान: प्रीमियम हमेशा ऑनलाइन, चेक या कार्ड से दें। नकद (Cash) में दिया गया प्रीमियम टैक्स छूट के लिए मान्य नहीं होता (केवल हेल्थ चेकअप को छोड़कर)।
* सही डिक्लेरेशन: अपनी कंपनी में निवेश के प्रमाण देते समय प्रीमियम की रसीद (Policy Receipt) ज़रूर जमा करें।
* ग्रुप इंश्योरेंस: यदि आपकी कंपनी आपको बीमा देती है, तो उस पर आपको छूट नहीं मिलती, केवल आपके द्वारा खरीदे गए व्यक्तिगत ‘टॉप-अप’ प्लान पर ही छूट मिलती है।
2026 में सही हेल्थ इंश्योरेंस कैसे चुनें?
टैक्स बचाने के चक्कर में कोई भी खराब पॉलिसी न लें। इन 3 बातों का ध्यान रखें:
* क्लेम सेटलमेंट रेशियो: कंपनी कितनी जल्दी और कितने क्लेम पास करती है।
* नेटवर्क अस्पताल: आपके घर के पास के बड़े अस्पताल उस पॉलिसी में कवर होने चाहिए।
* नो क्लेम बोनस (NCB): अगर आप बीमार नहीं पड़ते, तो कंपनी आपको अगले साल मुफ्त में बीमा कवर बढ़ाकर देती है।
निष्कर्ष: सेंगेल हेंब्रम का अंतिम संदेश
Medical insurance tax savings केवल एक फॉर्म भरने जैसा नहीं है, यह एक स्मार्ट लाइफस्टाइल है। आप अपने परिवार को एक बेहतर इलाज की सुविधा दे रहे हैं और साथ ही अपनी मेहनत की कमाई का हिस्सा टैक्स के रूप में बचा रहे हैं। 2026 में आर्थिक रूप से स्वतंत्र होने के लिए हेल्थ इंश्योरेंस को अपनी पहली प्राथमिकता बनाएं।
